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2017-10-30T16:01:11
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Dev Uthani Ekadashi- इस दिन भगवान विष्णु चार महीने के बाद जागते हैं.तुलसी के पौधे से उनका विवाह होता है. देवउठनी एकादशी को तुलसी विवाह उत्सव भी कहा जाता है. देवउठनी एकादशी के बाद सभी तरह के शुभ कार्य शुरू हो जाते हैं, लेकिन इस बार देव जागने के 18 दिन बाद भी कोई वैवाहिक और अन्य मांगलिक कार्यों के लिए शुभ मुहूर्त नहीं है. शंखासुर नामक एक बलशाली असुर था, इसी असुर ने तीनों लोकों में काफी उत्पात मचा रखा था. देवाताओं ने भगवान विष्णु से प्रार्थना की तब भगवान विष्णु शंखासुर से युद्घ करने गए. शंखासुर और भगवान विष्णु का युद्घ कई वर्षों तक होता रहा और अंत: में शंखासुर मारा गया. युद्घ करते हुए भगवान विष्णु काफी थक गए अतः क्षीर सागर में अनंत शयन करने लगे. चार माह सोने के बाद कार्तिक शुक्ल एकादशी के दिन भगवान की निद्रा टूटी थी. देवताओं ने इस अवसर पर विष्णु भगवान की पूजा की थी. इस तरह देव प्रबोधनी एकादशी व्रत और पूजा का विधान शुरू हुआ था. 31 अक्टूबर को सुबह 6 बजकर 36 मिनट से लेकर 8 बजकर 47 मिनट तक व्रत पारण का समय है। शाम 5 बजकर 56 मिनट तक पारण तिथि के दिन द्वादशी समाप्त होने का समय है। तो इस हिसाब से ही पूजा के समय का चयन करें। पूजन के अंत में ‘ऊं भूत वर्तमान समस्त पाप निवृत्तय-निवृत्तय फट्’ मंत्र की 21 माला जाप कर अग्नि में शुद्ध घी की 108 आहुतियां अवश्य देनी चाहिए। इससे जीवन के सारे रोगों, कष्टों व चिंताओं से मुक्ति मिल जाती है। जीवन में कल्याण ही कल्याण होगा। Astrologer and Vastu Consultant - Pt. Mukesh Bhardwaj
2017-10-14T02:54:38
Best Astrologer in Jaipur , Best Vastu Shastra Consultant in Jaipur
2017-10-10T17:52:22
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Some things you need to know about astrology: Your sign is just the beginning Daily horoscopes are just the tip of the iceberg. Who’s in your houses? Astrology can be magical. We believe the moon affects us, why not the other celestial bodies? Tarot and the stars.
2017-08-25T02:11:25
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गणपति पूजा का शुभ मुहूर्त सुबह 11:06 बजे से आरम्भ हो कर दोपहर बाद 01:39 बजे तक है For people, who bring in the ‘Ganesh’ idol home before Chaturthi, need to cover the face of the murti with a cloth, and take it off only on the day ‘Ganesh Chaturthi’ puja is performed during murti sthapna. when you set out to bring one, do keep the following things ready: Aggarbatti & Dhoop (joss sticks/incense), Aarti Thali (plate with lamps), Supari (areca/betel nuts), Paan leaf (betel leaf), a separate cloth for covering the Ganesh idol and Don’t forget to chant the golden mantra of ‘Om Gan Ganpatiye Namah’ Ganpati Bappa Morya Astologer in Jaipur - Pt. Mukesh Bhardwaj
2017-08-16T13:13:31
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Famous Astrologer in Jaipur Rajasthan India, who provides Best Astrology Service and Best Vastu Shastra Consultant in Jaipur Rajasthan India , also give advice according Birth Chart.
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